पटना। राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरी तरह से दिशाविहीन और जनविरोधी करार दिया है।
श्री यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने यह कहकर खूब शोर मचाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं, लेकिन जब बजट सामने आया तो देशवासियों को सिवाय घोर निराशा के कुछ हाथ नहीं लगा। यह आजाद हिंदुस्तान के इतिहास का सबसे दिशाविहीन बजट है, जिसमें आम आदमी के लिए न तो कोई विजन है और न ही भविष्य की कोई रूपरेखा।*
बिहार को झुनझुना थमाया गया
राजद मुख्य प्रवक्ता ने बिहार की उपेक्षा पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार की जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाकर वोट तो ले लिए गए, लेकिन बदले में बिहार को एक सुई की फैक्ट्री तक नहीं मिली। बजट में पटना में जहाज मरम्मत की बात कही गई है, लेकिन हकीकत यह है कि यह सरकार रोजगार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। बिहार आज भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के सबसे निचले पायदान पर खड़ा है।*कर्ज में डूबा बिहार और खोखली अर्थव्यवस्था*शक्ति सिंह यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम है। राज्य आज 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज में डूबा हुआ है। स्थिति इतनी भयावह है कि बिहार में पैदा होने वाला हर बच्चा अपने सिर पर 25 से 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अंदर से खोखली हो चुकी है और यह बजट उसी की एक बानगी है। इसमें न तो महंगाई कम करने का कोई उपाय है और न ही गरीबों के उत्थान का कोई ठोस रोडमैप। बिहारवासियों को उम्मीद थी कि विशेष पैकेज या विशेष राज्य के दर्जे पर कुछ बात होगी, लेकिन उन्हें सिर्फ मायूसी हाथ लगी।






