श्रद्धांजली: पूर्व मंत्री स्व सीताराम सिंह की 13वीं पुण्यतिथि पर उनके गांव पहुंचे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी

पटना/ मधुबन। रविवार को भाजपा के मधुबन से विधायक राणा रणधीर के पूजनीय पिता, श्रद्धेय स्वर्गीय सीताराम सिंह जी की 13वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पैतृक गांव बंजरिया स्थित स्मृति स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भावनाओं का सागर उमड़ पड़ा। इस अवसर पर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री माननीय सम्राट चौधरी , भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एवं मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह , शिवहर की पूर्व सांसद श्रीमती रमा देवी सहित अनेक माननीय विधायकगण एवं अन्गय णमान्य सभी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी।

मधुबन के बंजरिया में स्व सीताराम सिंह की श्रद्धांजली सभा के लिए जाते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और साथ में मधुबन विधायक और स्व सीताराम सिंह के पुत्र राणा रणधीर।

मधुबन क्षेत्र की आम जनता के साथ कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भावपूर्ण बना दिया। आपको बता दें कि स्व सीताराम सिंह दिग्गज समाजवादी नेताओं में शामिल किए जाते थे। वह मधुबन से 1985 से लेकर 2004 तक विधायक रहे और राजद सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वह 2004 में शिवहर लोकसभा से पहली बार सांसद चुने गए।

सादगी और साफगोई के विरोधी भी कायल

मधुबन के बंजरिया में श्रद्धांजली सभा को संबोधित करते हुए मोतिहारी के भाजपा सांसद राधामोहन सिंह।

कई बार के विधायक, मंत्री और फिर सांसद रहने के बावजूद उनके विरोधी भी उनकी साफगोई, सादगी और दूसरों को सम्मान देने की खूबी के कायल थे। सादगी ऐसी कि मंत्री होने के बावजूद अपने दल के कार्यकर्ता या क्षेत्र के गरीब से गरीब आम आदगी के आग्रह पर उसके घर चना और मूरी का नाश्ता करने मेंं सहजता और गर्व महसूस करते थे। वहीं साफगोई ऐसी कि उनके साथ एक बार काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारी उनके मुरीद हो जाते थे।

आप बोल देंगे तो काम हो जाएगा

कई मौके ऐसे आए जब उनके पास बिहार मेंं सीमांचल या सारण से आम लोग अपना फंसा हुआ काम करवाने की पैरवी लेकर आया करते थे और जब वह कहते थे कि मेरा क्षेत्र तो मधुबन और शिवहर है तो लोग कहते कि उससे हमें मतलब नहीं बस इतना जानते हैं कि आप बोल देंगे तो काम हो जाएगा। जब वह पूछते कि मेरे कहने के काम कैसे हो जाएगा तो लोग बोलते है वहां जो फलां अधिकारी है वह आपका बहुत नाम लेता है और सम्मान करता है बस एक बार उससे कह दिजिए आपकी बात मान लेगा। ऐसे में वह किसी की मदद करने से परहेज नहीं करते और कभी-कभार हंसी मजाक में कहते कि अगले बार कौनो अमेरिका से पैरवी लेकर न पहुंच जाए।