नई दिल्ली। भारत की स्वावलंबन भावना और स्वदेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के स्वदेशी मेला आयोजन बोर्ड न देश के पहले और सबसे बड़े “भारतीय स्वदेशी मेला” के लिए मार्ग-मानचित्र को अंतिम रूप दिया। यह भव्य आयोजन 1 से 5 मई 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
राष्ट्रीय बैठक में वैश्विक हैंडलूम आइकन और सामाजिक उद्यमी सुश्री रूमादेवी की विशिष्ट उपस्थिति आकर्षण का केंद्र बनी। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया — “जड़ों से जुड़े रहें, स्वदेशी अपनाएँ और स्वदेशी को विश्व मंच तक पहुँचाएँ।”
उन्होंने व्यवसायियों से आग्रह किया कि वे भारत की पारंपरिक कौशल-सम्पदा को आगे बढ़ाएँ और पूर्णतः स्वदेशी उत्पादों को विश्व बाज़ारों में स्थापित करें।
बैठक की अध्यक्षता स्वदेशी मेला आयोजन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामगोपाल गोयल ने की। उन्होंने कहा कि यह मेला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “आत्मनिर्भर भारत” के दृष्टिकोण से गहराई से प्रेरित है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह मेला भारत की व्यापारिक प्रतिभा, कौशल-सम्पन्न कार्यबल और सांस्कृतिक विरासत का भव्य उत्सव बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन लाखों व्यापारियों, MSME इकाइयों, कारीगरों और युवा उद्यमियों के लिए परिवर्तनकारी व्यापारिक अवसर उत्पन्न करेगा, बाज़ार विस्तार में सहायता करेगा और GDP वृद्धि को बढ़ावा देगा।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी. भरतिया ने कहा कि यह पहल भारत को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और देश को MSME और स्वदेशी व्यापार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। आगामी समय में इसके क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्करणों पर भी विचार किया जा रहा है।






