तेजस्वी यादव राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बने

पटना। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के निर्देश और सहमति से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव द्वारा रखे गए प्रस्ताव को करतल ध्वनि और जयकारा के साथ सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल द्वारा तेजस्वी जी को साल देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद जी को और प्रदेश महासचिव मुकुंद सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी को साल देकर सम्मानित किया ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। राष्ट्रीय महासचिव जय प्रकाश नारायण यादव द्वारा बैंठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पिछले बैठक की कार्यवाही रखी गई जिसे सम्पूष्ट किया गया।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी द्वारा महासचिव का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि हमें चुनाव में भले हीं हरा दिया गया है पर हम हौसला नहीं हारे हैं। हम अपने मिशन पर आगे बढ़ते रहेंगे और हम होंगे कामयाब । उन्होंने कहा कि ‘छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी, नये दौर में लिखेंगे हम मिलकर नयी कहानी ‘।
पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने बैठक में

राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए देश और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैदेशिक स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की परिस्थिति में राजद की भूमिका और जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। राजनीतिक प्रस्ताव में लोकतंत्र एवं संविधान पर गहराता संकट , सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता पर संगठित हमले, इतिहास का राजनीतिक अपहरण की निंदा, भाजपा – आरएसएस की वैचारिक राजनीति का विरोध, असहमति के दमन की भर्त्सना, आर्थिक विफलताओं पर गहरी चिंता, सामाजिक न्याय और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और सामाजिक एकता का आह्वान जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

प्रस्ताव में सभी नागरिकों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, शिक्षा और स्वास्थ्य में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि, निजी क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान, देशव्यापी जातिगत जनगणना का अतिशीघ्र एलान, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध बहाली, धन के न्यायपूर्ण पुनर्वितरण की नीति एवं बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की गई है।
बैठक को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें जो जिम्मेदारी दी गई है मैं उस पर खड़ा उतरने का प्रयास करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव में लोक की हार हुई है और तंत्र की जीत हुई है। होली के बाद मैं पुरे बिहार का दौरा करुंगा। चुनाव में हमारा वोट बढ़ा है। यह समझने की बात है कि पोस्टल बैलेट की गिनती में हम 107 क्षेत्रों में आगे हैं और इवीएम गिनती में एनडीए को जीत मिलती है। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि मैं पुनः राजद को राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता दिलाऊं। इसके लिए मैं दूसरे राज्यों का भी दौरा करुंगा साथ हीं भाजपा विरोधी देश के अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से बात कर राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ एक सशक्त मुहिम चलाया जाए ।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में तेजस्वी यादव के कार्यक्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि मेरा आशिर्वाद तेजस्वी के साथ है।
बैठक के अंत में राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन द्वारा पूर्व सांसद राजनीति प्रसाद, पूर्व प्रदेश महासचिव प्रेम प्रकाश शर्मा एवं संजीव यादव सहित पार्टी के अन्य मृतक साथियों के प्रति शोक प्रस्ताव रखने के बाद एक मिनट तक मौन रहकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक के अंत में पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। बैठक का संचालन प्रदेश के प्रधान महासचिव रणविजय साहू एवं प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने किया।
बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी,उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अशोक सिंह, जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष मनोहर लाल डोंगरा , तामिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष गौरीशंकर, झारखंड के पूर्व मंत्री और देवघर विधायक सुरेश पासवान, गौतम सागर राणा , केरल के पूर्व मंत्री डॉ . एन दास ,बिहार के पूर्व मंत्री अनिता देवी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। बैठक के प्रारंभ में पी के चौधरी, डॉ प्रेम गुप्ता एवं मदन शर्मा एवं अर्चना यादव द्वारा अतिथियों को गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।