पटना। राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने केन्द्र सरकार से जानना चाहा है कि कोरोना काल में स्थगित की गई रेल रियायत की सुविधा कब बहाल होगी। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह स्थगित की गई रेल रियायत देगी या नहीं देगी। कोरोना से देश मुक्त हुआ लेकिन कोरोना काल में रेल यात्रा में स्थगित किराये में रियायत को अब तक चालू नहीं किया गया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सीनियर सिटीजन, मृत सैनिक की विधवा, मान्यता प्राप्त पत्रकार, मरीज, दिव्यांग, चिकित्सक ( Senior citizens, widows of deceased soldiers, accredited journalists, patients, disabled persons, including doctors) सहित कोई 53 श्रेणी के लोगों को रेल किराये में रियायत की सुविधा दशकों से मिलती रही है। दशकों पूर्व कांग्रेसी हुकूमत में रेल यात्रा में रियायत देने की यह सुविधा प्रदान की गई थीं। 20 मार्च 2020 से यह सुविधा बंद है। पांच वर्ष बीत गए। किसी स्तर पर कोई सुगबुगाहट नहीं । सांसद राधामोहन सिंह (MP Radhamohan Singh) की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने स्थगित रेल रेल रियायत को बहाल करने की सिफारिश की थी। बीते माह सांसद श्रीमती साधना सिंह के लिखे पत्र पर रेल मंत्री का जबाव आया है। यदि रियायत नहीं देनी है तो केंद्र सरकार को स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए। लाखों सीनियर सिटीजन केंद्र की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
उन्होंने बताया कि दिव्यांग को फर्स्ट और सेकेंड एसी में 50 और बाकी क्लास में 75 फीसदी, नेत्रहीन को 25 फीसदी, मानसिक रोगी को एमएसटी पर 50 फीसदी, मूक-बधिर को एमएसटी पर 50 फीसदी, गंभीर मरीजों को फर्स्ट और सेकेंड एसी में 50 और बाकी में 75 फीसदी, थैलीसिमिया के मरीज को फर्स्ट और सेकेंड एसी में 50 और बाकी में 75 फीसदी, हैमोफीलिया में फर्स्ट व सेकेंड को छोड़कर बाकी में 75 फीसदी, एड्स मरीज को सभी क्लास में 50 फीसदी, वरिष्ठ नागरिक में ( पुरुष-60 और महिला 58 साल से अधिक) पुरुष को 40 और महिला को 50 फीसदी छूट मिलती थी. बाकी अन्य श्रेणियों में भी यात्रियों को 25 से 75 फीसदी छूट मिलती थी। कोरोना काल में यह कहते हुए सरकार द्वारा इस रियायत को स्थगित किया गया था कि कोरोना समाप्ति के बाद इसे पूर्ववत पुनः लागू की जाएगी, पर अबतक सरकार की चुप्पी आश्चर्यजनक है।






