पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की बिहार भर की ऐतिहासिक समृद्धि यात्रा की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण से हुई, जो अपने आप में विशेष महत्व रखती है। पश्चिम चंपारण आगमन के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने जिले के समग्र विकास को गति देने हेतु ₹153 करोड़ की लागत से 125 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया तथा ₹29 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 36 योजनाओं का उद्घाटन किया। जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं मीडिया पैनलिस्ट मधुरेंदु पांडेय ने पिछले दिनों मीडिया में जारी बयान में यह बात कही।
यात्रा के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जिलान्तर्गत संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किसान मेला-सह-कृषि यांत्रिकीकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जहां नवीनतम कृषि तकनीकों और यंत्रों की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के क्रम में औद्योगिक क्षेत्र, कुमारबाग का भ्रमण एवं निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं और निवेश की संभावनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुमारबाग में ओद्योगिक क्षेत्र की स्थापना कर नए उद्योग, बंद पड़ी चनपटिया चीनी मिल को किसानों के लिए फिर से चालू किया जाएगा। डेयरी को बढ़ावा देने के लिए जिले के 434 गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा। बेतिया शहर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल बनाया जाएगा। खेलों के लिए यहां सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक जीवीका दीदियों से जनसंवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और सरकार की निरंतर सहयोगात्मक प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की यह समृद्धि यात्रा बिहार के हर जिले, हर गांव और हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी और ‘‘न्याय के साथ विकास’’ की अवधारणा को और मजबूती प्रदान करेगी।






