पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर इतिहास रचते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल द्वारा उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। उनके साथ एनडीए गठबंधन के कई मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिससे प्रदेश में नई सरकार का गठन औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
नीतीश कुमार का यह कार्यकाल न केवल संख्या के लिहाज से रिकॉर्ड है, बल्कि बिहार की राजनीति में उनकी लगातार स्वीकार्यता और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाता है। पिछले दो दशक से अधिक समय में वे बिहार की सत्ता के केंद्र में बने रहे हैं। उनका शासन सुशासन, कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा है। हालांकि बीच-बीच में गठबंधन बदलने और राजनीतिक समीकरणों में उतार-चढ़ाव ने उन्हें सुर्खियों में भी रखा।
नई सरकार के गठन के साथ एनडीए ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में बिहार में विकास की रफ्तार तेज की जाएगी। बेरोजगारी, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना नई सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है। विशेष रूप से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए नए कार्यक्रमों की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह नया कार्यकाल बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को और मजबूती देगा। दोनों दलों के बीच तालमेल को राज्य की स्थिरता और विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है। शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें जिम्मेदारी दी है, वे राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे।
एनडीए नेताओं ने नीतीश कुमार की वापसी को संचालन क्षमता, अनुभव और विकास के एजेंडे की जीत बताया है। वहीं विपक्ष ने भी उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि नई सरकार जनता की समस्याओं पर संवेदनशीलता से काम करेगी।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत सभी नेताओं को शपथ दिलाई। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने अकेले ही शपथ ली, जबकि इन तीन नेताओं के बाद एक साथ 5-5 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। देखिए, कौन-कौन बना मंत्री।
- सम्राट चौधरी ( उप मुख्यमंत्री)
- विजय सिन्हा ( उप मुख्यमंत्री)
- विजय चौधरी
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- श्रवण कुमार
- मंगल पांडेय
- दिलीप जायसवाल
- अशोक चौधरी
- लेशी सिंह
- मदन सहनी
- नितिन नवीन
- रामकृपाल यादव
- संतोष सुमन
- सुनील कुमार
- मोहम्मद जमा खान
- संजय सिंह टाइगर
- अरुण शंकर प्रसाद
- सुरेंद्र मेहता
- नारायण प्रसाद
- रमा निषाद
- लखेंद्र कुमार रौशन
- श्रेयसी सिंह
- प्रमोद कुमार
- संजय कुमार
- संजय कुमार सिंह
- दीपक प्रकाश






