जंगलराज के युवराज को कानून-व्यवस्था पर उपदेश देना शोभा नहीं देता: उमेश कुशवाहा

पटना। बिहार जद(यू0) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिनके माता-पिता के शासनकाल में बिहार जंगलराज का पर्याय बन गया था और सत्ता-पोषित अपराधियों के तांडव से पूरा प्रदेश लहूलुहान था, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में माताएं-बहनें भय के साये में जीवन जीने को विवश थीं। पूरे प्रदेश में असुरक्षा और अराजकता का वातावरण व्याप्त था। लाॅ एंड आॅर्डर केवल कागजों तक सीमित था, जबकि जमीनी हकीकत में अपराधियों का बोलबाला था। थानों में आम लोगों की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की जाती थी। वह 15 वर्षों का शासनकाल बिहार के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे प्रदेश की जनता आज भी नहीं भूली है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज बिहार में मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में भयमुक्त वातावरण स्थापित है। बेटियाँ बिना किसी डर के स्कूल एवं कॉलेज जा रही हैं, क्योंकि उन्हें राज्य की शासन व्यवस्था पर अटूट विश्वास है। इसी विश्वास का परिणाम है कि जो बेटियाँ पूर्ववर्ती सरकारों के समय घर की चैखट से बाहर निकलने में भी डरती करती थीं, वे आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं। शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि यह जगजाहिर है कि लालू-राबड़ी की सरकार में अपराधियों को सीएम हाउस में शरण दी जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार अपराधियों को पाताल से भी ढूंढकर सलाखों के पीछे भेजती है। यही सुशासन की सरकार और जंगलराज के बीच का स्पष्ट अंतर है। प्रदेश की जनता अतीत और वर्तमान का अंतर भली-भांति समझती है।