पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह अपने निवास देवघर, लातूर (महाराष्ट्र) में 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। परिवार के सदस्यों ने उनके निधन की पुष्टि की है। वह 10वीं लोकसभा के अध्यक्ष भी रहे थे। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पिछले कुछ समय से इलाज चल रहा था।

नगरपालिका से लोकसभा अध्यक्ष तक

शिवराज पाटिल देश के उन विरले नेताओं में शामिल थे जिन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नगरपालिका से की और लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के अलावा राज्य और केंद्र में कई मंत्रालयों के मंत्री रहे। पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के चाकुर, लातूर में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लातूर नगर पालिका से की और बाद में महाराष्ट्र विधानसभा तथा लोकसभा में कई बार निर्वाचित हुए। आपको बता दें कि शिवराज पाटिल सात बार लातूर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।

मुंबई हमले के बाद दिया था इस्तीफा

शिवराज पाटिल 2004 से 2008 तक केंद्र के गृह मंत्री रहे। अपने कार्यकाल के दौरान, 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। आपको बता दें कि मुंबई हमले के बाद पाटिल अस्पताल जाकर कई बार घायलों से मिले थे। लेकिन उस समय एक ही दिन में तीन बार कपड़े बदलने को लेकर मीडिया ने मुद्दा बना दिया था। इससे पाटिल बेहद व्यथित हुए और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद वे पंजाब के राज्यपाल बनाए गए थे।

प्रधानमंत्री और राष्टपति ने जाताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिवराज पाटिल के निधन पर अपने संदेश में दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक अनुभवी और जनता-हितैषी नेता बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के लिए पाटिल के व्यापक योगदान को याद किया। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, ने पाटिल के निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उनके व्यक्तित्व और योगदान को याद किया।