पलटवार: भ्रामक आरोप लगा रहे हैं तेजस्वी, अपराध पर नीतीश सरकार की जीरो टाॅलरेंस नीति – उमेश सिंह कुशवाहा

पटना। बिहार जनता दल (यू.) के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तथ्यों की जानकारी के अभाव में दुष्प्रचार का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश सरकार वर्ष 2005 से अपराध पर अपनी जीरो टाॅलरेंस नीति पर अडिग है और इसे सख्ती से लागू करती रही है।

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में, लालू-राबड़ी की सरकार की तरह अपराधियों को संरक्षित नहीं किया जाता और न ही आपराधिक मामलों को लटकाने, अटकाने और भटकाने की नीति अपनाई जाती। वर्तमान सरकार में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आपराधिक घटनाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई होती है और दोषियों को समयबद्ध रूप से दंडित किया जाता है। नेता प्रतिपक्ष जिस मधेपुरा की घटना का जिक्र कर रहे हैं, उस मामले में सरकार ने एसआईटी का गठन किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया। ठीक उसी प्रकार, खगड़िया की घटना में प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीट छात्रा के साथ हुई घटना अत्यंत दुखद है। इस मामले पर भी सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और गहनता से जांच जारी है। हाॅस्टल संचालक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जांच के बाद जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

श्री कुशवाहा ने कहा कि अपराधियों को संरक्षित करने का इतिहास राजद का रहा हैय लालू-राबड़ी की सरकार में ऐसे हजारों उदाहरण प्रमाण के साथ मौजूद हैं, जबकि नीतीश सरकार पर कभी अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप नहीं लगा। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए जानी जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि जिनका राजनीतिक अतीत अपराध से सना हो, जिनका राजनीतिक चरित्र अपराधियों को बचाने का रहा हो और जिनकी राजनीतिक बुनियाद में अपराध हो, उन्हें नीतीश सरकार पर सवाल करने के बजाय स्वयं के गिरेबान में झांकना चाहिए। राजद सरकार में शिल्पी गौतम हत्याकांड और चम्पा विश्वास जैसे जघन्य अपराध लालू-राबड़ी के जंगलराज का प्रतीक हैं, जो आज भी काले याद के रूप में दर्ज हैं। 2005 से पहले सत्ता संरक्षित अपराधियों के डर के कारण महिलाएँ घर से बाहर भी नहीं निकलती थीं, आज नीतीश सरकार ने भयमुक्त वातावरण देने के साथ-साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान किया है, जिससे बिहार की बहन-बेटियाँ बेखौफ होकर विकास की नई उड़ान भर रही हैं।