पटना। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर वहां राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल की अनदेखी पर एनडीए हमलावर हो गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, हम (से.) और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री, संतोष कुमार सुमन ने कहा कि जब देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी — जो आदिवासी समाज की बेटी हैं — पश्चिम बंगाल पहुँचीं, तब राज्य की सरकार का यह दायित्व था कि वे उनका सम्मानपूर्वक स्वागत करतीं। लेकिन जो दृश्य सामने आया, उसने करोड़ों दलित-आदिवासी लोगों के दिल को आहत किया है।
सिलीगुड़ी में अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के मंच को छोटा कर देना, और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या सरकार के किसी मंत्री का उन्हें रिसीव करने तक न पहुँचना… यह केवल एक व्यक्ति की उपेक्षा नहीं, बल्कि उस संघर्ष और स्वाभिमान की अवहेलना है जिसके सहारे वंचित समाज की एक बेटी आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँची है। मंत्री ने कहा कि आज हर दलित-आदिवासी यह सवाल पूछ रहा है —
क्या इस देश में हमारे सम्मान का भी कोई मूल्य है?
कहा कि लोकतंत्र में पदों की गरिमा और समाज के स्वाभिमान के साथ ऐसा व्यवहार बेहद पीड़ादायक है। इतिहास गवाह है कि दलित-आदिवासी समाज अपने सम्मान पर लगी चोट को चुपचाप भूलता नहीं है। जय जोहार…जय बिरसा…






