नुसरत फ़तेह अली ख़ान : एक सूफी संत ने दी पिता को सलाह तो दुनिया को मिले ‘जगत उस्ताद’
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। ‘ये जो हल्का-हल्का सुरूर है’… जब ‘जगत उस्ताद’ नुसरत फ़तेह अली ख़ान ने इस कव्वाली को अपनी आवाज़ दी तो सुनने वाले रूहानी अहसास से सराबोर हो गए। आज भी नुसरत फ़तेह अली ख़ान की आवाज़ में इस कव्वाली को सुनने वाले कम नहीं हैं। 16 अगस्त 1997 को इस […]
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