त्रिलोचन शास्त्री : समाज की नब्ज समझने वाला कवि, जिन्होंने शेक्सपीयर और मिल्टन को भी पीछे छोड़ दिया
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। ‘हमेशा पुरानी पीढ़ी नई पीढ़ी से निराश रही है। नई पीढ़ी भी पुरानी पीढ़ी बनकर निराश होती रही है।’ अरसे पहले कवि त्रिलोचन की इन बातों से आज के दौर के लोग जरूर इत्तेफाक रखते होंगे। त्रिलोचन एक ऐसे कवि रहे, जिन्होंने समाज को उस नज़र से देखा, जिसे देखने […]









