‘अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें’, इश्क का दूसरा नाम थे अहमद फराज, बनना चाहते थे पायलट
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। ‘अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें’, ये लाईन पढ़ते ही जहन में आता है, ऊर्द के महान शायर और लेखक अहमद फराज का नाम। ऐसा शायर जिसे सत्तानशीनों की आंखों में आंखें डालने से भी गुरेज नहीं किया। […]









