एआई समिट प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन का सफल प्रतिबिंब: प्रवीन खंडेलवाल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन का सफल प्रतिबिंब बताते हुए दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिखर सम्मेलन भारत की डिजिटल यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सम्मेलन उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्त, लॉजिस्टिक्स और शासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिससे सकारात्मक एवं सतत विकास को गति मिल सके। समिट का समग्र अवलोकन स्पष्ट करता है कि भविष्य तकनीक का है, चाहे वह कोई भी क्षेत्र क्यों न हो।

श्री खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी एवं प्रगतिशील नेतृत्व में भारत ने 1 जुलाई 2015 को डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत कर डिजिटल क्रांति का सूत्रपात किया। आज भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल इंडिया के संकल्प के साथ नवाचार, स्टार्टअप्स और स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देकर भारत ने एआई को समावेशी विकास का सशक्त माध्यम बनाया है। अब समय आ गया है कि देश के व्यापारी एवं उद्यमी अपने वर्तमान व्यापार मॉडल में एआई तकनीक को समाहित करें, क्योंकि व्यापार की सतत वृद्धि अब तकनीकी अपनाने पर ही निर्भर करेगी।

उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन डिजिटल तकनीक के नए स्वरूप को प्रदर्शित करता है—जहाँ डेटा आधारित निर्णय, स्वचालन, नैतिक एआई, साइबर सुरक्षा तथा कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया है। सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि एआई किस प्रकार एमएसएमई की उत्पादकता बढ़ा सकता है, कृषि में सटीक खेती को बढ़ावा दे सकता है, स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ एवं किफायती बना सकता है, शिक्षा में व्यक्तिगत अधिगम को प्रोत्साहित कर सकता है तथा सुशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकता है।

श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि भारत के पास विशाल प्रतिभा, सुदृढ़ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और नवाचार की समृद्ध संस्कृति है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उचित नीतियों, निवेश और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर भारत एआई के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित कर सकता है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और भारत एक विश्वसनीय वैश्विक एआई हब के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचारशीलता और दूरदर्शी सोच का सशक्त प्रमाण है, जो देश को आत्मनिर्भरता और वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।