नोएडा। कैलाश हेल्थकेयर के अंतर्गत आने वाले फर्टिलिटी सेंटर कैलाश IVF ने उन्नत, नैतिक और मरीज़-केंद्रित फर्टिलिटी देखभाल प्रदान करने का एक साल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उन दंपत्तियों को संतान सुख का सपना पूरा करने में सेंटर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।पिछले एक साल में इस सेंटर ने IVF के कई मामलों का समाधान सफलतापूर्वक किया है।
इस दौरान सेंटर ने लगभग 150 एम्ब्रियो ट्रांसफर किए हैं। इसमें से 85% से 90% गर्भावस्था में तब्दील हुए है। यह आंकड़ा वैश्विक मानकों से कहीं ज्यादा है। सेंटर इन परिणामों का श्रेय व्यक्तिगत उपचार योजनाओं, उन्नत लैब की तकनीकों और संख्या के बजाय गुणवत्ता पर दिए गए विशेष ध्यान को देता है।इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए कैलाश हेल्थकेयर की चेयरपर्सन डॉ. उमा शर्मा ने कहा, “कैलाश IVF का एक साल पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य हमेशा से ही बेहतरीन मेडिकल देखभाल के साथ-साथ स्नेह और सहयोग प्रदान करना रहा है, ताकि हर दंपत्ति को सबसे अच्छा फर्टिलिटी उपचार मिल सके। हम नई तकनीकों का इस्तेमाल करते रहेंगे ताकि ज़्यादा से ज़्यादा दंपत्तियों को माता-पिता बनने की खुशी मिल सके।”
कैलाश IVF की डॉयरेक्टर डॉ रिनी शर्मा ने कहा, “इस पहले साल ने हमारे इस विश्वास को और मज़बूत किया है कि फर्टिलिटी उपचार हर मरीज़ के अनुसार होना चाहिए क्योंकि व्यक्तिगत उपचार योजनाओं से सफलता की दर बढ़ जाती है। हमने कई जटिल मामलों का इलाज किया है जैसे कि कई मामलों में बार-बार IVF फेल होने वाले मरीज़, ओवेरियन रिज़र्व कम होने वाले मरीज़ और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित मरीज़ शामिल रहे हैं। हर मरीज़ के अनुकूल इलाज करके, भ्रूण के चुनाव को बेहतर बनाकर और गर्भाशय को बेहतर तरीके से तैयार करके हम जटिल हालात में भी सफल गर्भावस्था मुमकिन कर पाए हैं।आगे और ज्यादा जानकारी साझा करती हुई कैलाश IVF की सेंटर हेड डॉ मोनिका गुप्ता ने बताया, “हमारे पास एक ऐसा मामला आया था जिसमें महिला में कई IVF फेल हो चुके थे, उसका ओवेरियन रिजर्व बहुत ही कम था और उसे कई मेटाबॉलिक समस्याएं थी। लेकिन फिर भी एक सोच समझकर बनाए गए इलाज के तरीके में बेहतर भ्रूण चयन और व्यक्तिगत उपचार योजना की मदद से मरीज सफलतापूर्वक गर्भवती हुई। यह सफ़ल परिणाम दिखाता है कि सही और ध्यानपूर्वक की गई फर्टिलिटी देखभाल कितनी महत्वपूर्ण होती है।”

कैलाश हेल्थकेयर के मैनेजिंग डॉयरेक्टर डॉ कार्तिक शर्मा ने कहा, “कैलाश IVF का पहला साल एक सकारात्मक शुरुआत रही है। पहले साल की सफलता फर्टिलिटी देखभाल को ज़्यादा सुलभ, आधुनिक और दयाभाव वाले देखभाल प्रदान करने के हमारे समर्पण को दर्शाता है। हम इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं, साथ ही हम बेहतर देखभाल विकल्पों और मरीज़-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से दंपत्तियों को संतान प्राप्ति का अवसर देने के लिए नए तरीकों पर भी काम कर रहे हैं। हम उच्च-गुणवत्ता वाला उपचार प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। हम ऐसा उपचार प्रदान करना चाहते हैं जोकि किफायती और भरोसेमंद दोनों हो, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा परिवार माता-पिता बनने के अपने सपने को साकार होते देख सकें।”
कैलाश IVF के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में निसंतानता चिकित्सीय और लाइफस्टाइल दोनों कारणों की वजह से बढ़ रहा है। जैसे कि देर से गर्भधारण का फैसला करना, तनाव होना, शारीरिक गतिविधि की कमी, ख़राब खान-पान, मोटापा, प्रदूषण, हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आना, और हार्मोनल या मेटाबॉलिक समस्याएं होना आदि। विशेषज्ञ इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि पुरुषों में बांझपन होना एक बड़ी चिंता का विषय है। कुल बांझपन में पुरुषों का बांझपन लगभग 30 से 40% होता है। पुरुषों में बांझपन के लिए शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव, प्रदूषण, गर्मी के संपर्क में आना और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं जिम्मेदार हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि दंपत्ति में दोनों साथियों की समान रूप से जांच करवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
इस सेंटर ने IVF के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों का भी उपयोग किया है। इनमें टाइम-लैप्स एम्ब्रियो मॉनिटरिंग, इम्प्लांटेशन से पहले जेनेटिक टेस्टिंग (PGT), भ्रूण को सुरक्षित रखने के लिए एडवांस फ्रीजिंग तरीके, ओवेरियन स्वास्थ्य के आधार पर व्यतिगत उपचार योजना, और भ्रूण को ग्रेड देने के लिए AI-बेस्ड सिस्टम शामिल हैं। ये सभी तकनीक मिलकर डॉक्टरों को सबसे अच्छे भ्रूण चुनने और उपचार के बेहतर फैसले लेने में मदद करती हैं।PCOS और PCOD के अलावा विशेषज्ञों का कहना है कि दंपत्ति एंडोमेट्रियोसिस, बंद फैलोपियन ट्यूब, ओवेरियन रिज़र्व में कमी और पुरुषों में बांझपन (जैसे स्पर्म काउंट कम होना और स्पर्म की गति धीमी होना) जैसी समस्याओं के कारण भी IVF का सहारा लेते हैं। बार-बार गर्भपात होने और जब बांझपन का कारण पता न हो, तो ऐसे मामलों में भी IVF का इस्तेमाल किया जाता है।
अपनी पहली वर्षगांठ मनाने के लिए कैलाश IVF दंपत्तियों के लिए एक विशेष एक महीने का ऑफ़र पेश कर रहा है। इस पैकेज में दंपत्तियों के अपने अंडे और शुक्राणु से एक IVF साइकिल शामिल है। इसके साथ परामर्श, अल्ट्रासाउंड और इंजेक्शन भी दिए जाएंगे। इस पैकेज की कीमत 1.35 लाख रुपये है।कैलाश IVF उन्नत उपचार, विशेषज्ञ देखभाल और व्यक्तिगत सहयोग के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा दंपत्तियों को संतान प्राप्ति का उनका सपना पूरा करने में मदद करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।






