बंगाल की जनता भय के साए में: श्याम सुन्दर शरण

पटना। पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि आज राज्य भय, अराजकता और राजनीतिक हिंसा के माहौल में जी रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वे बंगाल को बख्श दें और जनता को राहत दें। ममता दीदी बंगाल की ममता छोड़ें।

श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि बंगाल की जनता सिसक रही है, लेकिन सत्ता-पोषित गुंडों के डर से अपने आंसू भी नहीं दिखा पा रही है। लंबे समय तक चले वामपंथी शासन और उसके बाद वर्तमान सरकार की नीतियों ने राज्य के औद्योगिक ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है।

उन्होंने कहा कि नंदीग्राम की घटनाओं के कारण टाटा ग्रुप जैसे बड़े उद्योग को राज्य छोड़ना पड़ा, जिसका दुष्परिणाम आज भी बंगाल की जनता भुगत रही है। निवेशकों का भरोसा टूटा है और रोजगार के अवसर समाप्त हुए हैं।

शरण ने आगे कहा कि जिस प्रकार पश्चिम बंगाल में उद्योग और निवेश का माहौल बिगड़ा है, उसी प्रकार बिहार ने भी एक समय ऐसी ही परिस्थितियों का सामना किया। लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के शासनकाल में कानून-व्यवस्था और विकास प्रभावित हुआ, जिसका असर वर्षों तक राज्य को झेलना पड़ा।

उन्होंने कहा कि बंगाल और बिहार का संबंध अन्योनाश्रयी है—दोनों राज्य एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि बंगाल में शांति आएगी तो दोनों राज्यों में उद्योग-धंधे स्थापित होंगे, बिहार को भी उसका सीधा लाभ मिलेगा। लेकिन वर्तमान स्थिति में दोनों राज्यों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशन में यदि बंगाल में विकास की नीति लागू होती है, तो राज्य की सूरत और तकदीर बदल सकती है। अन्यथा, वर्तमान हालात में बंगाल लगातार अशांति और पिछड़ेपन की आग में जलता रहेगा।