राष्ट्रनायकों के सम्मान के साथ खिलवाड़, कांग्रेस की पुरानी आदत केवल वोट की राजनीति: भाजपा

पटना। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा वीरता और राष्ट्र स्वाभिमान के शिखर पुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करना यह केवल एक ऐतिहासिक भूल नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना को आहत करने का दुस्साहस है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने सोमवार को यह बात कही।

छत्रपति शिवाजी महाराज ने उस कालखंड में स्वराज की अलख जगाई, जब विदेशी और अत्याचारी शक्तियाँ भारत की अस्मिता को कुचलने में लगी थीं। उन्होंने न केवल मराठा साम्राज्य की स्थापना की, बल्कि “हिंदवी स्वराज” का ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया, जो आज भी हर भारतीय के हृदय में प्रेरणा बनकर धड़कता है। उनका जीवन पराक्रम, नीति, धर्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

पटेल ने कहा कि ऐसे महानायक की तुलना किसी अन्य शासक से करना, जिनकी नीतियों और शासन को लेकर इतिहास में गंभीर विवाद और प्रश्न रहे हैं, यह दर्शाता है कि कुछ लोगों के लिए राजनीति इतिहास और राष्ट्रीय सम्मान से भी ऊपर है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वोट बैंक की तुष्टिकरण की मानसिकता में डूबे लोग महाराष्ट्र की आत्मा से जुड़े महापुरुषों के गौरव को भी राजनीतिक तराजू पर तौलने लगे हैं।

पटेल ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सहित देश की जनता छत्रपति शिवाजी महाराज को केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि अपनी अस्मिता, अपने स्वाभिमान और अपनी पहचान के रूप में देखती है। उनके सम्मान पर आंच किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे बयान देने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास जनता की स्मृति से नहीं बच सकता। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में राष्ट्रनायकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब मिलेगा।
हम स्पष्ट कहना चाहते हैं, भारत की संस्कृति, स्वाभिमान और गौरव के प्रतीकों पर प्रहार करने की राजनीति अब अधिक दिनों तक नहीं चलेगी। देश की जनता सजग है, इतिहास का अपमान करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी।