नई दिल्ली। भारत की प्रमुख इंटरसिटी मोबिलिटी सेवा, इंटरसिटी स्मार्टबस ने देश में एयर-प्योरिफाईड बसों की पहली फ्लीट, इंटरसिटी स्मार्टबस.एक्यूआई शुरू की है, जिसका उद्देश्य लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को बसों में साफ, स्वच्छ और सेहतमंद हवा प्रदान करना है। यह भारत में बस यात्रा के मानकों को सुधारने के इंटरसिटी के मिशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इंटरसिटी स्मार्टबस.एक्यूआई सबसे पहले उत्तर भारत के अधिक प्रदूषण वाले मार्गों जैसे उत्तर प्रदेश में लखनऊ और कानपुर तथा अन्य प्रमुख मार्गों, जैसे दिल्ली, कटरा, पठानकोट आदि के लिए चलाई जा रही है।
क्या है खास
इंटरसिटी स्मार्टबस के को-फाउंडर एवं सीईओ, मनीष राठी ने कहा, ‘‘हमारे शहरों में एयर क्वालिटी गंभीर है। इंटरसिटी मोबिलिटी की श्रेणी में नेतृत्वकर्ताओं के रूप में हमारा दायित्व है कि हम इस जन समस्या का समाधान करने की ओर तुरंत कदम उठाएं। हम भारत में बस यात्रा के दौरान यात्रियों स्वच्छ व सुरक्षित हवा प्रदान करना चाहते हैं। इसीलिए हमने स्मार्टबस.एक्यूआई शुरू की है। इस अपग्रेड से यात्रियों की सेहत और यात्रा के अनुभव में सुधार आएगा।’’

इंटरसिटी ने विभिन्न मार्गों पर विस्तृत एयर-क्वालिटी टेस्ट किए, जिनमें खुलासा हुआ कि बस के अंदर हवा की क्वालिटी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा के मुकाबले 2 से 3 गुना ज्यादा खराब थी। इस समस्या को हल करने के लिए इंटरसिटी ने रेस्पायरर लिविंग साईंसेज़ के साथ गठबंधन किया, जो एक अवार्ड-विनिंग क्लाईमेट टेक कंपनी और एयर-क्वालिटी इंटैलिजेंस एवं क्लीन-एयर सिस्टम में विशेषज्ञ है।
नई पेश की गई स्मार्टबस.एक्यूआई फ्लीट में लगातार प्योरिफिकेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जो पार्टिकुलेट मैटर को फिल्टर करके पूरे सफर के दौरान ताजा और सुरक्षित हवा प्रदान करेगा। इसके पायलट रन के दौरान पाया गया कि यात्रा के दौरान 90 प्रतिशत समय पीएम2.5 का स्तर लगभग 40माईक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर बना रहा, जो मुख्य शहरों में मौजूद बाहरी प्रदूषण के मुकाबले काफी अधिक स्वच्छ था। पूरी पारदर्शिता के लिए यात्री जिस समय बस में मौजूद होंगे, उस समय डिस्प्ले पर तथा इंटरसिटी ऐप पर हाथोंहाथ एक्यूआई और पीएम2.5 डेटा देख सकेंगे।






