नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को तबाह कर रही तस्करी एवं जालसाजी के खिलाफ फिक्की की कमेटी (फिक्की कास्केड) ने आज वार्षिक ऑटो रैली के तीसरे संस्करण का आयोजन किया। कार्यक्रम को सांसद मनोज तिवारी ने हरी झंडी दिखाई। रैली का उद्देश्य तस्करी कर लाए हुए एवं जाली उत्पादों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता लाना है।
सांसद मनोज तिवारी ने उद्घाटन समारोह के दौरान उत्साह के साथ अपील की और लोगों से आह्वान किया कि जागरूक उपभोक्ता बनें और तस्करी के खिलाफ देश के साझा प्रयासों का हिस्सा बनें। तस्करी के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है और वैध उद्योगों को घाटा हो रहा है।
माननीय सांसद श्री मनोज तिवारी ने कहा, ‘तस्करी केवल आर्थिक अपराध नहीं है, यह अपराध नेटवर्क एवं यहां तक कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला खतरा है। बम धमाका एक बार होता है, लेकिन ऐसी गतिविधियों की फंडिंग तस्करी कर लाए हुए एवं अवैध उत्पादों की बिक्री के माध्यम से लगातार होती रहती है। कई लोगों को यह एहसास नहीं होता है कि जब वे बिल के बिना, कोई सस्ता उत्पाद या तस्करी करके लाया हुआ उत्पाद खरीदते हैं, तो बिना चाहे ही ऐसी ताकतों को मजबूत करते हैं, जो भारत की सुरक्षा एवं स्थायित्व के विरुद्ध काम करती हैं।’
उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘मैं आज सभी भारतीयों से अपील करता हूं कि यह शपथ लें कि कभी ऐसे उत्पाद नहीं खरीदेंगे, जिन्हें अवैध तरीके से लाया गया हो। भले कीमत थोड़ी ज्यादा हो, तब भी सही, टैक्स चुकाने वाले औैर बिल के साथ मिलने वाले उत्पाद खरीदें। यह केवल ईमानदार कारोबारियों को समर्थन देने की बात नहीं है, बल्कि हमारे देश व हमारे लोगों की सुरक्षा करने और ऐसे नेटवर्क को कमजोर करने की बात है, जो हमारे ही पैसे का हमारे विरुद्ध इस्तेमाल करते हैं। तस्करी कर लाए हुए उत्पादों को न कहना भी देशभक्ति है। यह सुरक्षित भारत, मजबूत अर्थव्यवस्था एवं अवैध कारोबार व टेरर फंडिंग से मुक्त भविष्य के साथ खड़े होने की बात है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस मुद्दे को सामने लाने और ऐसे प्रभावी तरीकों से लोगों को जागरूक करने के लिए फिक्की कास्केड की सराहना करता हूं। इस रैली का स्पष्ट संदेश है कि हम अपने देश में अवैध कारोबार को फलने-फूलने नहीं देंगे। मैं लोगों से इस मिशन का सतर्क भागीदार बनने की अपील करता हूं। साथ मिलकर हम ज्यादा सुरक्षित, ज्यादा मजबूत और सच्चे अर्थों में विकसित भारत बना सकते हैं।’
फिक्की कास्केड के चेयरमैन श्री अनिल राजपूत ने कहा, ‘अवैध कारोबार हमारे देश की अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक कल्याण के लिए सबसे हानिकारक संकटों में से एक बना हुआ है। तस्करी एवं जालसाजी के कारण होने वाले टैक्स के नुकसान से सरकार का राजस्व कम होता है और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी सार्वजनिक सेवाओं के लिए जरूरी फंड की कमी होती है। यह सिर्फ आर्थिक मामला नहीं है, यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय विकास के रास्ते में बाधा है।’
श्री राजपूत ने आगे कहा, ‘तस्करी के कारण बाजार में असुरक्षित, कम मानक वाले और अनरेगुलेटेड उत्पादों की बाढ़ आ जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होता है। ऐसे उत्पाद जीवन के लिए घातक भी हो सकते हैं। आज की ऑटो रैली जैसी पहलों के माध्यम से हमारा लक्ष्य ऐसे खतरों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और साझा प्रयासों को बढ़ावा देना है। मैं इस प्रयास में साथ देने के लिए सभी सहयोगियों का धन्यवाद करता हूं। साथ मिलकर हमें मजबूत प्रवर्तन, उपभोक्ता जागरूकता एवं इस खतरे के सभी प्रकार पर नियंत्रण के लिए समाज के स्तर पर दृढ़ता से प्रयास करना चाहिए।’
रैली में 300 से ज्यादा ऑटो रिक्शा ने हिस्सा लिया। उन पर तस्करी विरोधी संदेश लिखे थे। एक समन्वय के साथ फिक्की हाउस, तानसेन मार्ग से सभी ऑटो का काफिला निकला और कनॉट प्लेस एवं बाराखंबा रोड जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरा। इसमें ज्यादा से ज्यादा विजिबिलिटी और लोगों से एंगेजमेंट सुनिश्चित की गई।
ऑटो ड्राइवर्स, यात्रियों और आसपास से गुजरने वालों को वैध कारोबारी प्रक्रियाओं का समर्थन करने, जाली उत्पादों को खरीदने से बचने और इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया कि कैसे अवैध कारोबार से दैनिक आजीविका को नुकसान पहुंचता है।
फिक्की कास्केड की रिपोर्ट ‘अवैध कारोबार की चुनौती: भारत में 5 प्रमुख उद्योगों में कैसे उपभोग के बदलते तरीके अवैध बाजार को प्रभावित करते हैं’ (चैलेंजिंग लैंडस्केप ऑफ इलिसिट ट्रेड: हाउ चेंजिंग फैक्टर्स ऑफ कंजम्प्शन अफेक्ट इलिसिट मार्केट इन 5 की इंडस्ट्रीज इंडिया) में अवैध कारोबार के आकार एवं प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन किया गया है। इस अध्ययन में भारत में पांच प्रमुख सेक्टर, एफएमसीजी पैकेज्ड गुड्स, पर्सनल एवं हाउसहोल्ड केयर, एल्कोहल, तंबाकू और टेक्सटाइल एवं अपैरल में अवैध व्यापार के बड़े आकार की जानकारी सामने आई है। इस सेक्टर में कुल अवैध कारोबार का अनुमानित आकार 7.97 लाख करोड़ रुपये है।
इनमें 4,03,915 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार के साथ टेक्सटाइल एवं अपैरल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित है। यह कुल अवैध कारोबार के आधे से भी अधिक है। एफएमसीजी सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक है। पैकेज्ड फूड्स सेक्टर में अवैध कारोबार 2,23,875 करोड़ रुपये और पर्सनल एवं हाउसहोल्ड केयर में 73,813 करोड़ रुपये का है।
राजस्व को होने वाले नुकसान से इतर रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अवैध कारोबार से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को नुकसान हो रहा है, वैध कारोबार की बाजार हिस्सेदारी कम हो रही है और भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। सरकार को भी टैक्स लीकेज के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए फंड की कमी का सामना करना पड़ता है।
ज्यादा टैक्सेशन वाले सेक्टर्स में भी अवैध कारोबार का प्रभाव व्यापक है। तंबाकू सेक्टर में 50 प्रतिशत से अधिक अवैध कारोबार दंडात्मक कराधान की व्यवस्था के कारण है। वहीं एल्कोहल के मामले में यह स्थिति 46 प्रतिशत है। ज्यादा टैक्स के कारण तस्करी को बढ़ावा मिलता है। साथ मिलाकर देखें तो इन आंकड़ों से एक स्पष्ट संदेश सामने आता है कि अवैध व्यापार केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि यह बढ़ता हुआ राष्ट्रीय संकट है। इसके लिए समन्वय के साथ प्रवर्तन, उपभोक्ता जागरूकता और नीतिगत सुधारों की जरूरत है, जिससे लंबी अवधि में भारत के आर्थिक हितों एवं जनकल्याण की सुरक्षा हो सके।






