नई दिल्ली। दिल्ली में रसायन और उर्वरक स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ के रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल जी ने देश में दवाओं के मूल्यों के विशेष संदर्भ में एनपीपीए को अहम सुझाव दिए। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि एनपीपीए ( राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ) को राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नियमावली बनाने का मुद्दा उठाया। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने दवाइयों पर ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एक मूल्य होने से टेंडर प्रक्रिया आसान होगी और मरीजों को दवा उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में दवाइयों की खरीद अलग-अलग दरों पर होती है, जिससे न केवल व्यवस्था जटिल होती है बल्कि मरीजों की सुविधा भी प्रभावित होती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि, “देश में दवाइयों की खरीदी का सिस्टम एक जैसा हो और केंद्र स्तर पर एकीकृत व्यवस्था बने। इससे पूरे देश में दवाइयों का एक दाम तय हो और राज्यों को बार-बार अलग-अलग टेंडर नहीं करने पड़ें। यह व्यवस्था मरीजों को दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और पारदर्शिता को बढ़ाएगी।”सांसद अग्रवाल ने देशभर के सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में पड़ी एक्सपायरी दवाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, “एक्सपायरी दवाओं का उचित निस्तारण नहीं होने से पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोत गंभीर रूप से प्रदूषित होते हैं। अतः केंद्र सरकार को ऐसी दवाओं को वापस लेने और नष्ट करने के लिए कंपनियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।” उन्होंने साफ कहा कि एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है।






