राष्ट्रपति का पद…पिता के जज्बात, जब अपनी बेटी-दामाद के हत्यारों की दया याचिका पर शंकर दयाल शर्मा को लेना पड़ा फैसला
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। न्याय सर्वोपरि! ये शब्द कहने और सुनने में कितने आसान हैं, लेकिन असल जिंदगी में इसकी परिभाषा काफी अलग है। जितना बड़ा पद, उतनी बड़ी ताकत, मगर यही ताकत तब सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है, जब फैसला अपने जज्बातों को नजरअंदाज करके लेना हो। इन बातों का जिक्र हम […]







