तानसेन के वंशज अब्दुल रशीद खान, जिनकी आवाज़ सुन बरसने लगते थे बादल
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। ‘ये ज़मीं बनती गई, ये आसमां बनता गया, मैं एक कदम रखता गया और ये जहां बनता गया।’ ऐसे ही अपने गीतों से लोगों को दीवाना बनाया शास्त्रीय गायक उस्ताद अब्दुल रशीद खान ने। गायिकी की दुनिया में उन्होंने लगभग 100 साल का सफर पूरा किया। खास बात ये है
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